बुधवार, 28 सितंबर 2016

राहुल गाँधी और उनकी वर्तमान राजनीतिक यात्रा


राहुल गाँधी और उनकी वर्तमान राजनीतिक यात्रा

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राहुल गाँधी, एक ऐसे युवा नेता हैं जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है | उन्हें पार्टी में अपनी जगह बनाने के लिए बहुत संघर्ष नहीं करना पड़ा है परन्तु आज भारतीय राजनीति में उनकी सहभागिता लोंगों को समझ नहीं आती | एक युवा होने के नाते जितना आक्रामक उन्हें होना चाहिए वो नहीं हैं | जहाँ भारत का संविधान विपक्ष की राजनीति को भी सम्मान देता है वहां विपक्ष इतना कमजोर है की किसी भी मुद्दे पर बहस करने की बजाय सदन से बाहर भागने की जल्दी होती है |
आज-कल राहुल गाँधी, उत्तर प्रदेश में खाट यात्रा कर रहें हैं | आम आदमी, किसान ,जवान  सबसे मिलने निकले हैं | जब खुद को ख़ास समझ लेंगे तो फिर आम आदमी से कैसे मिलेंगे ???? फोटो देखकर यही सोच रहा था |
सत्ता से बाहर हैं तो सबकी कितनी चिंता है इनको | चुनावी रैली छोड़कर राहुल गाँधी कितनी बार देवरिया गए हैं ? कितनी बार लखीमपुर गए या फिर कितनी बार देश के उन पिछड़े इलाकों में गए जहाँ लोग जीवन के मुलभूत चीजों के लिए परेशान हैं ??
जब चुनाव आता हैं तो गरीबों और किसानों का दर्द महसूस होने लगता हैं | सत्ता में बैठ कर कुछ नहीं दिखाई देता | जिस देश को कृषि प्रधान देश कहा जाता है वहां का कृषक जीवन जीने के लिए संघर्ष करता हैं बाकि सुविधाएं तो सिर्फ सपना है |
आज राहुल जी यात्रा कर रहे हैं , उनका कोई स्पष्ट नीति नहीं है की वह लोंगों को बता सकें शिवाय इसके की मोदी सरकार गरीबों और किसानों के लिए क्या कर रही है, जान ले रही है , मार रही है, वो तो पूरा विश्व भ्रमण कर रहें है फला फला फला .... | कांग्रेस ने 50 साल से ज्यादा शासन किये सत्ता की चासनी में डूब डूब के नहाये फिर भी गरीबी भुखमरी दूर नहीं कर पाए और आज आप , आपकी पार्टी सवाल कर रहे हैं | जिस दिन आप जैसे राजनीतिक परिवार के बच्चे जमीन से जुड़ कर आम लोंगों के साथ संघर्ष कर पार्टी लाइन में आगे आयेंगे तब आम लोंगों का दर्द महसूस होगा |

होता है राहुल जी , जब अपने मुहं में निवाला जाता रहता है और किसी चीज की कमी नहीं होती तो ऐसा लगता है की सब लोग तो खुश ही है , सबका पेट भरा ही है |

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